राष्ट्रीय दिव्यांग क्रिकेटर विजय ने भारतीय फुटबॉल टीम में जगह बनाई

नोएडा। खेलरत्न, सं : Time, 11:00, PM.
राष्ट्रीय स्तर के दिव्यांग क्रिकेटर ने भारतीय दिव्यांग फुटबॉल में जगह बनाई है। उनका चयन इंडोनेशिया के जाकार्ता में होने वाली एशिया एंपुटी (अपंग) फुटबॉल चैंपियनशिप के लिए किया गया है। वह इस टूर्नामेंट में गोलकीपर की भूमिका में दिखेंगे। छलेरा निवासी यह खिलाड़ी पेशे से वकील हैं। 17 अक्टूबर को उन्हें चयन संबंधी पत्र दिया गया।

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विजय शर्मा

केरल में भारतीय टीम के लिए हुए ट्रायल में विजय शर्मा को पांच लीग मैच खेलने का मौका मिला। उन्होंने इसमें सात गोल दागे और ट्रायल मुकाबलें में वह सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बने। उनका बायां हाथ केहुनी के नीचे से नहीं है। मूल रूप से दिव्यांग क्रिकेट में दिल्ली का प्रतिनिधित्व करने वाले विजय पहले भी फुटबॉल का अभ्यास करते थे, लेकिन कभी भी किसी राज्य या किसी टीम से प्रतियोगिताएं नहीं खेली। उन्हें ट्रायल के बारे में पता चला तो वह शामिल हुए और उनकी प्रतिभा को देखते हुए राष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया। 34 वर्षीय यह दिव्यांग खिलाड़ी रजिस्ट्रार कार्यालय में वकील है। यह प्रतिदिन सेक्टर-44 में खेल और फिटनेस के लिए अभ्यास करते हैं।

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विजय शर्मा

विजय शर्मा बताते हैं कि अब भी दिव्यांग के खेलों को उतना महत्व नहीं मिला जितना मिलना चाहिए। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों को आगे बढ़ने में काफी परेशानी आती है। दिव्यांग खिलाड़ियों की मदद भी होनी चाहिए। ताकि क्रिकेट, फुटबॉल सहित ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अधिक से अधिक पदक देश को दिला सके। मैं अग्रिम पंक्ति से खेलना चाहता हूं, लेकिन प्रतियोगिता के नियमों के कारण ऐसा नहीं हो पा रहा है। गोल कीपिंग में भी बेहतर प्रदर्शन का प्रयास होगा। इसके लिए अभ्यास भी शुरू कर दिया है। अगर खिलाड़ी दिव्यांग हो या सामान्य फिट रहना जरुरी है। अगर वह फिट है तो किसी भी खेल में आगे बढ़ सकता है।

दिल्ली दिव्यांग टीम से डेढ़ दशक से क्रिकेट खेल रहे
दिव्यांग क्रिकेट में विजय शर्मा करीब 15 साल से प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। वह दिल्ली टीम के लिए खेलते हैं। एक बार उनका चयन भारतीय क्रिकेट टीम के शिविर के लिए भी हो चुका है। हालांकि पिता की तबियत खराब होने के कारण उन्हें शिविर छोड़ना पड़ा था। दिल्ली की ओर से उनका श्रेष्ठ प्रदर्शन 11 रन देकर 4 विकेट है। बल्लेबाजी में उनका बेहतर प्रदर्शन 54 नाबाद है।

सात वर्ष की उम्र में बायां हाथ काटना पड़ा था
विजय का बायां हाथ करीब 27 साल पहले काटा गया था। उस दौरान वह सेक्टर-38ए में पेड़ से गिर गये थे। हाथ काफी चोटिल हो गया था। इलाज के बावजूद जख्म ठीक नहीं हुआ था। जिससे पूरे हाथ में संक्रमण फैल गया था। डॉक्टरों ने केहुनी के ऊपर के हिस्से को बचाने के लिए हाथ काटना ही आखिरी विकल्प बताया था।

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