चैलेंजर ट्रॉफी में बेहतर प्रदर्शन ने शिवम् को दिलाया विश्वकप का टिकट 

-सेक्टर-71 निवासी शिवम मावी का चयन अंडर-19 क्रिकेट विश्वकप के लिए हुआ
नोएडा। ममता सिंह, Time, 2:00, AM.
शहर के शिवम मावी क्रिकेट के सर्वोच्च टूर्नामेंट में दमखम दिखाएंगे। जनवरी में होने वाले अंडर-19 विश्वकप क्रिकेट के लिए उनका चयन टीम इंडिया में किया गया है। विपरित परिस्थितियों को मात देकर उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है। उनके चयन पर उनके परिवार सहित क्रिकेटप्रेमी में खुशी की लहर है। दिसंबर अंत में भारतीय टीम विश्वकप खेलने के लिए न्यूजीलैंड रवाना होगी। इससे पहले कई अभ्यास मैच भी टीम इंडिया खेलेगी। न्यूजीलैंड में 13 जनवरी से अंडर-19 विश्व कप क्रिकेट शुरू होगा।
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चैलेंजर ट्रॉफी में शिवम ने 4 मैचों में 9 विकेट झटके। शहर का यह क्रिकेटर टूर्नामेंट का दूसरा सबसे अधिक विकेट लेना वाला गेंदबाज बना। वहीं श्रीलंका बोर्ड एकादश के खिलाफ शिवम ने 44 रनों की अच्छी पारी भी खेली थी। उन्होंने गेंद और बल्ले से उम्दा प्रदर्शन कर चयनकर्ताओं को प्रभावित किया। इससे पहले भी उन्हें इंग्लैंड अंडर-19 के खिलाफ भारतीय टीम में जगह मिली थी। नोएडा सेक्टर-61 निवासी हर्ष त्यागी भी भारतीय टीम के दावेदार थे। इंडिया ब्लू की टीम से चैलेंजर ट्रॉफी खेलते हुए उन्होंने भी 5 विकेट झटके थे, लेकिन उन्हें टीम में जगह नहीं दी गई। पहले वह अंडर-19 के टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम का हिस्सा रहे हैं। शिवम ने बताया कि विश्व कप की टीम में चुने जाने को लेकर बेहद उत्साहित हूं। टूर्नामेंट में अच्छे प्रदर्शन के लिए हरसंभव प्रयास करुंगा। टीम अच्छी है। हम इस विश्वकप में जरुर बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
‘अपना बल्ला नहीं होने पर साथियों से मांग कर खेला’
शिवम मावी को क्रिकेट के शुरुआती दिनों में दूसरों खिलाड़ियों से बल्ला मांग कर भी खेलना पड़ा। करीब 7 साल पहले परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि क्रिकेट पर ज्यादा खर्च किया जाए। वर्तमान में सेक्टर-71 के जनता फ्लैट में उनका परिवार रहता है। शिवम मावी बताते हैं कि मेरे पास अपना बल्ला नहीं होता था। ऐसे में बल्लेबाजी करने के लिए टीम के अन्य सदस्यों से मांगता था। वह बताते हैं कि मेरे पास खुद का बल्ला नहीं था, पूरी किट की बात तो सोच भी नहीं सकता था। उस समय घर की स्थिति भी ऐसी नहीं थी कि मेरी किट अलग हो। लेकिन जैसे-जैसे मैं बेहतर प्रदर्शन करता गया, घर से सारी सुविधाएं मिलती गईं। बिना परिवार के सहयोग यहां तक पहुंचना काफी मुश्किल था। शिवम के पिता पंकज मावी बताते हैं कि शुरुआत में शिवम को पढ़ाई के लिए कहता था, लेकिन वह क्रिकेट में रमा रहता था।  लेकिन उसने यह साबित कर दिया कि मंजिल पाने के लिए सिर्फ पढ़ाई ही सबकुछ नहीं है।
डेल स्टेन हैं आदर्श खिलाड़ी 
शिवम मावी दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज डेल स्टेन से प्रभावित हैं। वह बताते हैं कि वह मेरे आदर्श खिलाड़ी हैं। उन्हें देखकर मैंने क्रिकेट में बहुत कुछ सीखा है। शिवम बताते हैं कि रेलवे से रणजी खेलने वाले अनुरीत सिंह ने भी उनकी काफी मदद की है। यहां तक पहुंचाने में स्थानीय प्रशिक्षक फूलचंद शर्मा के योगदान को भी नहीं भूल सकता। फूलचंद शर्मा बताते हैं कि शिवम एक बेहतर खिलाड़ी हैं। अंडर-19 विश्वकप टीम में शामिल होना बड़ी उपलब्धि है। प्रतियोगिता में उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।

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