निशानेबाजी को राष्ट्रमंडल खेल में शामिल कराने का प्रयास करेगा आईओए

नई दिल्ली। खेलरत्न/ एजेंसी :
भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) गुरुवार को यहां राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (सीजीएफ) के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक कर 2022 बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में निशानेबाजी को दोबारा शामिल कराने का अंतिम प्रयास करेगा। अध्यक्ष नरिंदर बत्रा और सचिव राजीव मेहता सहित आईओए के शीर्ष अधिकारियों के अलावा खेल मंत्री किरेन रीजीजू सीजीएफ अध्यक्ष लुईस मार्टिन और सीईओ डेविड ग्रेवेमबर्ग से मुलाकात करके राष्ट्रमंडल खेलों से निशानेबाजी को हटाने का विरोध जताएंगे।IOA image 1

स्थानीय आयोजन समिति ने साजो-सामान से जुड़े मुद्दों के कारण निशानेबाजी को खेलों से बाहर कर दिया था। आईओए ने निशानेबाजी को बाहर किए जाने को लेकर जुलाई में खेल मंत्रालय को खेलों के बहिष्कार का प्रस्ताव भेजा था। जिसके बाद इस बैठक पर सहमति बनी। मेहता के अनुसार आईओए सीजीएफ को मनाने का प्रयास करेगा कि वह निशानेबाजी को लेकर अपने फैसले पर पुनर्विचार करे। भारत इस खेल में काफी सफल रहा है। मेहता ने पीटीआई से कहा कि खेल मंत्री की मौजूदगी में हम सीजीएफ के सामने अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे। हम उन्हें समझाने का प्रयास करेंगे कि राष्ट्रमंडल खेलों से निशानेबाजी को हटाने का भारत की पदक तालिका पर कैसे असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इसके अलावा राष्ट्रमंडल खेलों का बहिष्कार भी एजेंडा में शामिल है। आईओए के कोषाध्यक्ष आनंदेश्वर पांडे, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल खन्ना, उपाध्यक्ष सुधांशु मित्तल, एशियाई ओलंपिक परिषद के आजीवन उपाध्यक्ष और आईओए के पूर्व महासचिव रणधीर सिंह भी बैठक में हिस्सा लेंगे। राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने निशानेबाजी में हमेशा से काफी पदक जीते हैं। गोल्ड कोस्ट में पिछली प्रतियोगिता में भारत ने सात स्वर्ण पदक सहित 16 पदक जीते थे। इस खेलों से निशानेबाजी को 1974 के बाद पहली बार हटाया गया है। इसके विरोध में आईओए ने निशानेबाजी को दोबारा खेलों में शामिल नहीं किए जाने पर खेलों ने हटने की धमकी दी है।

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