दो स्थानों पर पंजीकरण कराने पर पकड़े जाएंगे फुटबॉलर

नोएडा। खेलरत्न, सं:
फुटबाल खिलाड़ी अब एक राज्य और उनके क्लबों से खेल पाएंगे। ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन के सेंट्रलाइज्ड रजिस्ट्रेशन सिस्टम (सीआरएस) से यह संभव हो पाया है। पहले भी खिलाड़ियों के लिए नियम एक राज्स से ही खेलना था, लेकिन मैनुअली काम होने के कारण इसका फायदा खिलाड़ी उठाते थे। इससे एक खिलाड़ी कई राज्यों या उनके क्लबों से खेलते थे।

सीआरएस तहत खिलाड़ियों का पंजीकरण किया जा रहा है। इससे किसी भी खिलाड़ी की जानकारी एक क्लिक में ली जा सकेगी। पहले विभिन्न राज्यों के संघ एक दूसरे राज्यों के पदाधिकारियों से खिलाड़ी के बारे में पूछते थे। इसके बाद खिलाड़ी का पंजीकरण होता था।
ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन की वेबसाइट पर इस संबंध में जानकारी भी उपलब्ध कराई गई है। इसके तहत खिलाड़ियों, क्लब आदि का पंजीकरण ऑनलाइन हो सकेगा। जिसमें क्लबों, खिलाड़ियों, राज्यों आदि की पूरी जानकारी उपलब्ध रहेगी। दो साल से अधिक समय से इसके तहत काम चल रहा है, लेकिन अब पंजीकरण के लिए इसे पूरी तरह से अनिवार्य कर दिया गया है। इस व्यवस्था के शुरू होने से पहले सामान्य फुटबॉल एक राज्स से अधिक स्थानों पर पंजीकरण करा लेते थे, जिसकी जांच कर पाना काफी मुश्किल होता था।

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दिल्ली से खेलते हैं शहर के कई फुटबॉलर
शहर के 25 से अधिक फुटबॉल सब जूनियर, जूनियर और सीनियर वर्ग में दिल्ली के क्लबों से खेल रहे हैं। उनका पंजीकरण भी उसी राज्य से है। ऐसे में ये खिलाड़ी अब सिर्फ दिल्ली की टीम के लिए ट्रायल दे पाएंगे। उत्तर प्रदेश की टीम के ट्रायल में उन्हें शामिल नहीं किया जाएगा। इसी तरह उत्तर प्रदेश से पंजीकृत नोएडा के खिलाड़ी दिल्ली में ट्रायल नहीं दे पाएंगे। पहले कई मामलों में ऐसा पाया गया था कि उत्तर प्रदेश के खिलाड़ी दिल्ली और यूपी दोनों स्थानों पर होने वाले ट्रायल में शामिल हो जाते थे। ऐसे में अन्य खिलाड़ियों के टीम में चुने जाने में परेशानी आती थी।

सभी संघों के पास खिलाड़ियों की जांचने की सुविधा होगी
देशभर के फुटबॉल संघों की प्रदेश इकाई के पास खिलाड़ियों के पंजीकरण से संबंधित जानकारी जांचने की सुविधा होगी। जो किसी भी ट्रायल, टूर्नामेंट में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के बारे में सीआरएस से जानकारी ले लेंगे। इससे कोई भी ऐसा खिलाड़ी प्रतियोगिता या ट्रायल में भाग नहीं ले पाएगा जो किसी दूसरे राज्य से पंजीकृत है।

‘ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन की इस व्यवस्था से पारदर्शिता आई है। जिससे फुटबॉलरों पर पूरी तरह से नजर रहेगी। किसी भी खिलाड़ी का पंजीकरण अगर एक स्थान पर है तो दूसरे स्थान पर उसका पंजीकरण किसी भी हालत में नहीं हो सकता। ऑनलाइन डाटा होने के कारण इसकी जानकारी एक क्लिक में मिल जाएगी।’
अनादि बरुआ, उपाध्यक्ष, दिल्ली फुटबॉल संघ और पूर्व अंतरराष्ट्रीय फुटबॉलर

‘ जिला स्तर पर भी कई बार हमसे फुटबॉलरों के बारे में दूसरे राज्य के फुटबॉल संघों ने पूछताछ की है। ऑनलाइन डेटा होने पर अब खिलाड़ी के नाम और रजिस्ट्रेशन नंबर डालते ही पूरी जानकारी मिल जाएगी। इससे कोई भी खिलाड़ी दो बारा पंजीकरण नहीं करा सकता।’
वाजिद अली, महासचिव, जिला फुटबॉल संघ

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