विश्वविजेता आर्जेनटीना से बराबरी कर आइसलैंड ने दिखाई ताकत

दिल्ली। खेलरत्न, सं : Time, 9:00, PM.
फीफा विश्वकप फुटबॉल में पहली बार भागीदारी कर रही आइसलैंड की टीम ने दिग्गज आर्जेनटीना को 1-1 की बराबरी पर रोकर अपनी ताकत दिखा दी है। टीम ने शानदार प्रदर्शन कर यह साबित कर दिया कि विश्वकप में उन्हें हल्के में लेने का खामियाजा भुगतना होगा। टीम ने महज 6 साल में विश्व स्तर पर यह पकड़ बनाई है। 2012 में इस टीम की फीफा रैंकिंग 113 थी, जो 2018 में 18 तक पहुंच गई। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि छह साल के अंदर इस टीम ने कितनी मेहनत की है।

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आर्जेनटीना ने 19वें मिनट में गोल कर आइसलैंड पर 1-0 की बढ़त बनाई, लेकिन 23वें मिनट में आर्जेनटीना की यह खुशी अलफ्रिओ फिन्नबोगसन ने खत्म कर दी। उन्होंने गोल दागकर टीम को 1-1 की बराबरी पर ला दिया। यूरापियन देश आइसलैंड की जनसंख्या महज 3,50,710 है। इसी छोटी सी जनसंख्या से इस देश ने 23 विश्वस्तरीय फुटबॉलर तैयार किए। 15,248 लोगों पर इस देश ने एक विश्वस्तरीय फुटबॉलर दिया। दो बार के विश्वविजेता और चार पर उपविजेता रहा अर्जेनटीना के पास करीब 10 लाख की जनसंख्या पर एक विश्व स्तर का फुटबॉलर है। यहां की जनसंख्या 4 करोड़ 38 लाख है। वहीं भारत के पास सवा अरब से अधिक जनसंख्या के बावजूद एक भी विश्वस्तर का फुटबॉलर नहीं है। पूर्व अंतरराष्ट्रीय फुटबॉलर अनादि बरुआ ने आइसलैंड के फुटबॉल इतिहास को देखते हुए कहा था कि यह टीम उलटफेर कर सकती है और हुआ भी यही।

आइसलैंड के बेहतर प्रदर्शन के ये कारण रहे
-विश्वकप क्वालीफाइंग मुकाबलों में क्रोएशिया जैसी टीम केा हराकर अपनी ताकत दिखाई थी। तुर्की को भी 3 गोल से मात दी।
– एक दोस्ताना मुकाबले में घाना को 2-2 की बराबरी पर रोका।
-पहली बार यूरोपीयन चैंपियनशिप में खेलते हुए क्वार्टर फाइनल में पहुंची थी टीम
-वर्ष 2016 में यूरोपीयन चैंपियनशिप में पहली बार खेला था आइसलैंड
-वर्तमान में फीफा रैंकिंग 22 है, जो 2012 में 113 थी,
-छह साल में 91 पायदान की आगे बढ़ी, जो ऐतिहासिक है

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