जरुरतमंद खेल प्रतिभाओं को निशुल्क प्रशिक्षण, प्राधिकरण कर्मचारी को देनी होगी 50 प्रतिशत फीस

नोएडा। खेलरत्न, सं : Time, 10:00, PM.
नोएडा स्टेडियम में एक सप्ताह के अंदर 10 प्रतिशत जरुरतमंद खेल प्रतिभाओं को निशुल्क प्रशिक्षण मिलेगा। वहीं प्राधिकरण कर्मचारियों को 50 प्रतिशत फीस देकर प्रशिक्षण लेना होगा। 10 खेल मैदान की बोली लगने के बाद प्राधिकरण ने दिशा निर्देश जारी किए। बुधवार से खेल संचालकों को प्राधिकरण ने पत्र जारी करना शुरू कर दिया है। सबसे अधिक बोली बैडमिंटन कोर्ट के लिए लगी। भविष्य में बनने वाले ग्राउंड पर भी यही व्यवस्था लागू रहेगी।

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नोएडा स्टेडियम का प्रशासनिक भवन

जरुरतमंद खिलाड़ियों को यह सुविधा पाने के लिए संबंधित प्रमाण पत्र दिखाना होगा। इसके आधार पर ही निशुल्क सुविधा मिलेगी। पहले इस संबंध में मौखिक निर्देश थे। लिहाजा यह आंशिक रूप से ही लागू था। खेल प्रशिक्षक अपनी इच्छा के अनुसार यह व्यवस्था लागू करते थे, लेकिन अब इसे अनुबंध में लिखित रूप से शामिल किया गया है।
प्राधिकरण ने फुटबॉल, बैडमिंटन, स्केटिंग, स्क्वैश, कराटे, टेबल टेनिस, टेनिस, जिम, एरोबिक, बास्केटबॉल, क्रिकेट, गोल्फ आदि खेलों का टेंडर निकाला था। टेक्निकल और फाइनांशियल बिड के बाद खेल संचालकों के नामों की घोषणा की गई। आपत्ति आने के बाद क्रिकेट और गोल्फ का टेंडर रद कर दिया गया है। इन दो खेल सुविधाओं के लिए दो महीने बाद दोबारा टेंडर निकाला जाएगा। प्राधिकरण कर्मचारियों को खेल प्रशिक्षण के लिए अब 50 प्रतिशत फीस देनी होगी। पहले निशुल्क था। खेल प्रशिक्षकों पर बिजली बिल का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। पहले यह प्राधिकरण वहन करता था। पहले की प्राधिकरण को स्टेडियम से 2 से ढ़ाई करोड़ रुपये एक साल में मिलते थे। अब यह बढ़कर करीब साढ़े तीन करोड़ हो जाएगा। स्टेडियम के मेंटेनेंस और अन्य कार्यों पर प्राधिकरण करीब ढ़ाई करोड़ रुपये प्रतिवर्ष खर्च करता है। सभी चयनित खेल संचालकों को दो महीने की राशि प्राधिकरण को जमा करानी होगी। नए नियमों के अनुसार स्टेडियम के ग्राउंड को किराये पर देने की स्थिति में खेल संचालक और प्राधिकरण को 60:40 के औसत से राशि मिलेगी।

‘जरुरतमंद खिलाड़ियों के लिए स्टेडियम में निशुल्क प्रशिक्षण की व्यवस्था होगी। ताकि उन्हें भी बेहतर प्रशिक्षण मिल सके। खेल मैदान के टेंडर से संबंधित सभी प्रक्रिया समाप्त हो गई है। इस बार कम से कम तीन साल के लिए खेल मैदान दिया गया है। अधिक समय मिलने से और भी बेहतर खेल प्रतिभाएं यहां से निकलेंगी।’

एससी मिश्रा, वरिष्ठ प्रबंधक, खेल प्रभारी, नोएडा स्टेडियम

 

तीन साल तक दिए गए खेल मैदान
प्राधिकरण पहली बार खेल संचालकों को तीन से पांच साल तक ग्राउंड देगा। इससे पहले 11 महीने और तीन-तीन महीने तक के लिए ग्राउंड दिए गए थे। प्राधिकरण अधिकारियों का मानना है कि लंबे समय तक देने से खेल संचालक खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण दे सकेंगे। जिससे शहर से अधिक से अधिक खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शहर का नाम रोशन करेंगे। तीन साल के बाद खेल प्रशिक्षकों की समीक्षा की जाएगी। सही पाए जाने पर दो महीने का अनुबंध बढ़ा दिया जाएगा। इसके बाद 15 प्रतिशत राशि बढ़ा दी जाएगी। पांच साल पूरे होने पर दोबारा बोली लगेगी।

 

इन खेल मैदान के लिए लगी सबसे अधिक बोली
बैडमिंटन :: 3 लाख 74 हजार
टेनिस :: ढाई लाख
कराटे :: 70 हजार
फुटबॉल :: 52 हजार

 

पहले 50-50 प्रतिशत की राशि मिलती थी
प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों से मिलनी वाली फीस की 50-50 प्रतिशत राशि प्राधिकरण और खेल संचालक को मिलती थी। पहले अखबारों में विज्ञापन निकालकर प्रशिक्षकों के साक्षात्कार के बाद प्राधिकरण ग्राउंड देता था। पहली बार स्टेडियम के लिए टेक्निकल और फाइनांशियल बिड कराई गई है।

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