बेंच प्रेस में आशीष ने बनाया विश्व कीर्तिमान, पावर लिफ्टिंग में भी झटका स्वर्ण

-विश्व पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता में 41 देशों के 400 खिलाड़ियों ने भाग लिया
-बेंच प्रेस का पहले का रिकॉर्ड 140 किलो का था, आशीष ने 147.5 किलो वजन उठाया
दिल्ली, खेलरत्न, सं, Time, 8:45, PM.

विश्व पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता की बेंच प्रेस स्पर्धा में नोएडा कॉलेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन (एनसीपीई) के आशीष राजपूत ने इतिहास रच दिया। उन्होंने इस स्पर्धा में 147.5 किलो वजन उठाकर नया विश्व कीर्तिमान बनाया। उनसे पहले यह रिकॉर्ड जर्मनी के खिलाड़ी के नाम था। शाह ऑडोटोरियम दिल्ली में 27 अक्टूबर को समाप्त हुई प्रतियोगिता की पावर लिफ्टिंग स्पर्धा में भी आशीष ने एक स्वर्ण झटका।

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पदक सेरेमनी में स्वर्ण के साथ आशीष

आशीष राजपूत ने 75 किलोभार वर्ग में शहर के इस खिलाड़ी ने 550 किलो वजन उठाकर सोना अपने नाम किया। बेंच प्रेस में उन्होंने 147.5 किलो का वजन उठाकर दूसरा स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने इस स्पर्धा में नया विश्व रिकॉर्ड भी कायम किया। इससे पहले जर्मनी के खिलाड़ी के नाम यह रिकॉर्ड था। उन्होंने 240 किलो वजन उठाकर यह रिकॉर्ड बनाया था। आशीष एनसीपीई से एमपीएड का कोर्स कर रहे हैं। एक अन्य स्पर्धा में इस खिलाड़ी को रजत पदक मिला। उनके प्रशिक्षक सुरेंद्र गोगी ने बताया कि आशीष ने शानदार प्रदर्शन करते देश का नाम रोशन किया है। आशीष ने बताया कि मैं स्वर्ण पदक जीतने के लिए खेल रहा था और नया कीर्तिमान भी मेरे नाम से जुड़ गया। यह बड़ी उपलब्धि है। भविष्य की प्रतियोगिताओं में और भी बेहतर खेलने का प्रयास होगा।

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आशीष राजपूत

लेटकर उठाना पड़ता है भार
बेंच प्रेस स्पर्धा में खिलाड़ी को लेटकर भार उठाना पड़ता है। लेटकर उनके दोनों हाथों पर भार रखा जाता है। इसके बाद उस भार को छाती से स्पर्श कराकर दोबारा ऊपर उठाना होता है। इस प्रक्रिया के साथ सबसे अधिक वजन उठाने वाले खिलाड़ी को विजेता घोषित किया जाता है। वहीं पावर लिफ्टिंग वेट लिफ्टिंग के जैसा ही खेला जाता है। इसमें तीन में से श्रेष्ठ वजन को परिणाम का आधार बनाया जाता है।

कॉलेज में जश्न का माहौल
नोएडा कॉलेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन के आशीष द्वारा विश्व कीर्तिमान स्थापित करने पर यहां के छात्रों में हर्ष का माहौल है। उनके मित्र और कॉलेज के छात्रों ने इस उपलब्धि पर एक दूसरे को बधाई दी। वहीं एनसीपीई प्रबंधन ने आशीष को सम्मानित करने की घोषणा की है। कॉलेज के चेयरमैन सुशील राजपूत ने बताया कि हमारे लिए ही नहीं बल्कि यह देश के लिए भी गौरव की बात है।

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