भारतीय महिला गोल्फरों को ब्रिटिश ओपन में किराये की स्टिक से खेलना पड़ा

नोएडा। खेलरत्न, सं, Time, 10:55, PM.
प्रतिष्ठित ब्रिटिश ओपन एमेच्योर महिला गोल्फ चैंपियनशिप (स्ट्रोक प्ले) में भारतीय महिला गोल्फरों को किराए की स्टिक से खेलना पड़ा। इससे सभी गोल्फरों का खेल प्रभावित हुआ। ऐसे में दो गोल्फरों को कट नहीं मिला। महिला गोल्फरों को एयरपोर्ट से गोल्फ स्टिक का क्लियरेंस नहीं मिलने से यह परेशानी झेलनी पड़ी।

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इंग्लैंड में 6 सितंबर से यह प्रतियोगिता शुरू हुई। इसमें विश्वभर के 25 देशों की महिला एमेच्योर गोल्फर भाग ले रही हैं। वहीं दिल्ली की दीक्षा डागर, गुरबानी सिंह, सिफत सग्गू और नोएडा की अनिका वर्मा ने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। किराये की स्टिक होने के कारण पहले दिन गुरबानी ने 84, दीक्षा डागर ने 81, अनिका वर्मा ने 85 और सिफत सग्गू ने 82 स्ट्रोक खेलकर 18-18 होल पूरे किए। पहले दिन का खेल प्रभावित होने के बाद अनिका और सिफत को कट नहीं मिल पाया। दूसरे दिन अपनी स्टिक से खेलने पर अनिका ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 73 स्ट्रोक में 18 होल पूरे किए। वहीं सिफत ने भी 78 स्ट्रोक में दिन का खेल समाप्त किया। दीक्षा और गुरुबानी ने भी पहले दिन के मुकाबले 6 और 5 कम स्ट्रोक खेलकर 18-18 होल पूरे किए। इससे स्पष्ट है कि अगर अनिका और सिफत के पास पहले दिन से ही अपनी स्टिक होती तो दोनों कट प्राप्त कर सकती थीं। पहले दिन के खेल समाप्त होने के बाद सभी गोल्फरों की स्टिक मिल पाई।

गोल्फ स्टिक न मिल पाना दुर्भाग्यपूर्ण
अनिका के पिता सोनल वर्मा ने बताया कि अपनी स्टिक से गोल्फरों को खेलना काफी लाभदायक होता है। उससे वह शॉट सही ढंग से खेल सकते हैं, लेकिन पहले दिन हमें अपनी स्टिक न मिलपाना दुर्भायपूर्ण है। इससे पूरी तरह से खेल प्रभावित हुआ। जिससे दो गोल्फर आगे नहीं बढ़ सके। किराए की स्टिक से खेल प्रभावित होना ही था। इस तरह की प्रतियोगिता में किराए की स्टिक से खेलना बेहद निराशाजनक है।

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