अंडर-17 विश्वकप के पहले खिताब के लिए भिड़ेंगे स्पेन और इंग्लैंड 

 दिल्ली : खेलरत्न, सं, Time, 11:40, PM. 

विश्व कप फुटबॉल अंडर-17 के पहले खिताब के लिए स्पेन और इंग्लैंड आमने-सामने होंगे। इंग्लैंड पहली बार इस प्रतियोगिता के फाइनल में जगह बनाने में सफल रहा है। वहीं स्पेन तीन बार फाइनल में पहुंचने के बाद भी खिताब से वंचित रहा है। ऐसे में दोनों देशों के बीच रोमांचक मुकाबला होने की उम्मीद की जा रही है।

विश्वकप अंडर-17 के सेमीफाइनल मुकाबले में बुधवार को स्पेन ने माली को 3-1 से और इंग्लैंड ने ब्राजील को 3-1 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। वहीं विश्वकप के खिताब के लिए स्पेन फेवरिट टीम मानी जा रही है। तीन बार फाइनल में पहुंचने के बावजूद कड़ी टक्कर में टीम को हार का सामना करना पड़ा। वहीं इंग्लैंड अपने चौथे विश्वकप में खिताब के साथ वतन वापसी करना चाहेगा। दो दिनों के बाद कोलकाता के साल्टलेक स्टेडियम में इसका फैसला हो जाएगा। इंग्लैंड ने अंडर-17 का पहला विश्व कप मुकाबला 2007 में खेला। 2011 से इंग्लैंड लगातार इस टूर्नामेंट का हिस्सा है।

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विश्वकप फुटबॉल में स्पेन और इंग्लैंड की स्थिति :  

वर्ष : 1991 : इटली में हुए इस विश्वकप में स्पेन को घाना के हाथों फाइनल में 1-0 से पराजय झेलनी पड़ी।

1997 : स्पेन की टीम को तीसरा स्थान मिला

2003 : इस विश्वकप के फाइनल में स्पेन ब्राजील से 1-0 से हारकर उपविजेता बना

2007 :  फाइनल में नाइजीरिया और स्पेन का स्कोर मैच के निर्धारित समय तक 0-0 रहा। पेनाल्टी में स्पेन को 3-0 से हार का सामना करना पड़ा।

2007 : पहली बार इंग्लैंड अंडर-17 के विश्वकप के लिए क्वालीफाई किया। पांचवां स्थान मिला।

2009 : स्पेन को तीसरा स्थान मिला

2011 : इंग्लैंड ने इस विश्वकप में सातवां स्थान प्राप्त किया

2015 : इंग्लैंड इस विश्वकप में संतोषजनक प्रदर्शन नहीं कर सका।

18वां स्थान मिला2017 : दोनों टीमें फाइनल में है। फाइनल मुकाबला 28 अक्टूबर को होना है।

 

स्पेन को भाग्य का साथ मिलेगा या इंग्लैंड मारेगा बाजी

स्पेन को अब तक विश्वकप के फाइनल में भाग्य का साथ नहीं मिला है। शानदार खेल के बावजूद दो विश्वकप के खिताबी मुकाबले में 1 गोल के अंतर से टीम को हार का सामना करना पड़ा है। वहीं 2007 में नाइजीरिया के खिलाफ बराबरी होन के बाद पेनाल्टी में हार का सामना करना पड़ा। स्पेन के लिए दुखद बात यह रही कि पेनाल्टी में टीम का एक भी खिलाड़ी गोल नहीं कर सका। दो बार टीम को तीसरा स्थान भी मिला है। वहीं इंग्लैंड अपना चौथा विश्वकप खेल रही है। अब तक इस देश का बेहतर प्रदर्शन पांचवां स्थान है।

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