किराया और 50-50 अनुपात पर फीस के बीच फंसा खिलाड़ियों का अभ्यास

नोएडा। खेलरत्न, सं : Time, 9:30 PM.
कोरोना महामारी के बाद से नोएडा स्टेडियम में खेलों का प्रशिक्षण बंद हैं। खेल प्रशिक्षकों के सामने सबसे बड़ी परेशानी यह है कि सितंबर से अगर प्रशिक्षण शुरू भी होते हैं तो सभी खिलाड़ी अभ्यास के लिए नहीं आएंगे, क्योंकि 80 प्रतिशत प्रशिक्षुओं की उम्र 12 वर्ष से कम है। जो कोरोना संक्रमण के लिए हाई रिस्क पर हैं। ऐसे में खेल मैदानों के किराये का इंतजाम करना मुश्किल होगा। वहीं प्रशिक्षण शुरू होने के बाद से प्राधिकरण किराये लेने पर अड़ा हुआ है। जबकि खेल प्रशिक्षकों ने खिलाड़ियों की संख्या के अनुसार 50-50 या 60-40 के अनुपात में फीस प्राधिकरण को देने का अनुरोध किया है, लेकिन इस बारे में प्राधिकरण का कोई जवाब नहीं आया है।


नोएडा स्टेडियम में 15 से अधिक खेलों के लिए 1000 से अधिक खिलाड़ी प्रशिक्षण लेते हैं। प्राधिकरण ने पिछले साल से ही सभी ग्राउंड पर प्रशिक्षण के लिए प्रत्येक महीने का किराया निर्धारित कर दिया है। जबकि इससे पहले खिलाड़ियों की संख्या के अनुसार 50-50 अनुपात में प्राधिकरण और प्रशिक्षक फीस की राशि रखते थे। कोरोना महामारी के बाद से प्रशिक्षण सितंबर में शुरू हो सकता है, लेकिन प्रशिक्षकों ने प्राधिकरण से एकमुश्त किराये को कुछ महीनों के लिए खत्म करने की मांग की है। क्योंकि कोरोना संक्रमण के डर से प्रशिक्षण के लिए ज्यादा संख्या में प्रशिक्षु नहीं आएंगे या उनके अभिभावक प्रशिक्षण के लिए ग्राउंड पर नहीं भेजेंगे। यह प्रशिक्षकों को भी पूरी तरह से पता है कि अगर सितंबर से खेल प्रशिक्षण शुरू होता है तो 10-20 प्रतिशत तक ही खिलाड़ी प्रशिक्षण के लिए आएंगे। ऐसे में उनसे मिलने वाली राशि में पहले के मुकाबले 80 प्रतिशत की कमी आएगी। जबकि स्टेडियम में उन्हें प्राधिकरण द्वारा निर्धारित पूरा किराया देना होगा। खेल प्रशिक्षकों ने बताया कि जब तक कोरोना महामारी की स्थिति है तब तक प्राधिकरण खिलाड़ियों की संख्या के अनुसार 50-50 या 60-40 के अनुसार हमसे राशि ले। जिससे खेल प्रशिक्षण भी शुरू हो पाएगाऔर प्रशिक्षकों पर आर्थिक मार भी नहीं पड़ेगी। इस बारे में हमलोगों ने प्राधिकरण को पत्र लिखकर भेजा है, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी प्राधिकरण की ओर से कोई जवाब नहीं आया है। ऐसे में सितंबर से भी स्टेडियम में प्रशिक्षण शुरू होने की उम्मीद न के बराबर है। वहीं प्राधिकरण भी प्रशिक्षकों से पूरा किराया वसूलने के मूड में दिख रहा है। ऐसे में स्टेडियम में प्रशिक्षण शुरू होने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

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